Thursday, June 27, 2013

छमाही के परिणाम....

-सौम्या अपराजिता

इस वर्ष ने आधी दूरी तय कर ली है। छह महीने बीतने को हैं। यदि बीते छह महीनों को हिंदी फिल्मों परिप्रेक्ष्य में देखें तो यह ज्यादा खुशगवार नहीं रहा है। कुछ फ़िल्में सफल रही हैं तो बहुत फ़िल्में असफल रही हैं। अभी
तक प्रदर्शित हुई फिल्मों के व्यवसाय से इतना तो तय है कि दर्शक फिल्मों के कथ्य और मनोरंजक सामग्री को लेकर सजग हो गए हैं।  मनोरंजन के नाम पर उनके सामने कुछ भी नहीं परोसा जा सकता है। यदि इस वर्ष की अब तक की सफल हिंदी फिल्मों की बात करें तो उनकी गिनती उँगलियों पर की जा सकती है।

सफलता के नए  सोपान...
'ये जवानी है दीवानी' इस वर्ष की अब तक की सबसे सफल फिल्म बन चुकी है। दीपिका पादुकोण और रणबीर कपूर अभिनीत इस फिल्म का प्रवेश सौ करोड़ क्लब में हो चूका है। 'ये जवानी है दीवानी' ने अब तक 165 करोड़ का व्यवसाय कर लिया है। पूर्व प्रेमी दीपिका-रणबीर के बेहतर तालमेल और अयान मुख़र्जी के सहज निर्देशन ने 'ये जवानी है दीवानी' को बॉक्स ऑफिस पर अभूतपूर्व सफलता दिलाई है। ट्रेड विशेषग्य तरन आदर्श के अनुसार,'ये जवानी है दीवानी' ब्लॉकबस्टर हो चुकी है।इसने 'दबंग' के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन को भी पीछे छोड़ दिया है। अच्छी बात है कि 'ये जवानी है दीवानी' अभी भी बॉक्स ऑफिस पर टिकी हुई है।'

छोटे में भी है दम
दर्शकों ने छोटे बजट की सार्थक फिल्मों को सकारात्मक प्रतिक्रिया देकर बता दिया कि फिल्म की सफलता के लिए सिर्फ बड़े कलाकार,भव्य कैनवास और तड़क-भड़क आवश्यक नहीं है। परिणाम है ' काय पो छे' , स्पेशल छब्बीस , आशिकी 2 ,' साहेब बीबी और गैंगस्टर 2' और 'जॉली एल एल बी'  की सफलता।  डांस पर आधारित रेमो डिसूजा निर्देशित  'एबीसीडी एनी बॉडी कैन डांस' में नए-नवेले कलाकारों की थिरकन और अभिनय ने दर्शकों को प्रभावित किया। 'रॉक ओन' जैसी सफल फिल्म निर्देशित करने के बाद अभिषेक कपूर ने नए सितारों का दामन थामा और बना डाली छोटे बजट की सार्थक फिल्म 'काई पो छे'। सुशांत सिंह राजपूत,अमित साद और राजकुमार अभिनीत इस फिल्म को दर्शकों ने  खूब पसंद किया।
'काई पो छे' की प्रभावशाली कहानी और युवा कलाकारों के  शानदार 
अभिनय ने दर्शकों ही नहीं समीक्षकों का भी मन मोह लिया। ट्रेड विशेषज्ञ तरन आदर्श के अनुसार पहले दिन ही 'काई पो छे' ने बॉक्स ऑफिस पर साढ़े चार करोड़ का व्यवसाय किया।  इन दोनों फिल्मों के साथ ही अक्षय कुमार अभिनीत 'स्पेशल छब्बीस' भी प्रदर्शित हुई। अक्षय कुमार के सहज अभिनय,दमदार स्क्रिप्ट और सधे हुए निर्देशन के कारण 'स्पेशल छब्बीस' बॉक्स ऑफिस पर सत्तर करोड़ का व्यवसाय करने में सफल रही। 'साहेब बीबी और गैंगस्टर 2' ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छा व्यवसाय किया। लगभग 7 करोड़ रूपये में बनी इस फिल्म ने 20 करोड़ रूपये कमाए। अरशद वारसी अभिनीत और सुभाष कपूर निर्देशित 'जॉली एल एल बी'  को हिंदी प्रदेश के दर्शकों का विशेष प्यार मिला। रोचक तथ्य है कि 10.5 करोड़ में बनी 'आशिकी 2' इस वर्ष की अब तक की सबसे अधिक कमाई करने वाली  तीसरी फिल्म बन गयी है। 'आशिकी 2'  को बॉक्स ऑफिस पर  सुपरहिट करार  दे दिया गया है। आदित्य रॉय कपूर और श्रद्धा कपूर अभिनीत 'आशिकी 2' ने बॉक्स ऑफिस पर कमाई का सौ करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया है। आदित्य रॉय कपूर के भाई और अभिनेता कुनाल  रॉय कपूर कहते हैं,'मैं बेहद गौरवान्वित हूं कि आदित्य की फिल्म ने  सौ करोड़ की कमाई की है। हमारी फिल्म  के लिए ' आशिकी २' की  सफलता  सरप्राइज की तरह है।'
बरकरार है मसाला फिल्मों का मोह
'रेस 2','चश्मेबद्दूर' और 'मर्डर 3' की सफलता से साबित हो जाता है कि फार्मूला फिल्मों के प्रति दर्शकों का मोह बरकरार है।  मस्तान निर्देशित ' रेस 2' इस वर्ष की पहली सफल साबित हुई। 96.34 करोड़ की कमाई कर 'रेस 2' भी बॉक्स ऑफिस पर हिट साबित हो चुकी है। हालांकि,'रेस 2' ट्रेड विशेषग्यों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर पायी है। ट्रेड विशेषज्ञ कोमल नाहटा के अनुसार, 'रेस 2' महंगी फिल्म थी। इस लिहाज़ से बॉक्स ऑफिस पर इसने कमाल नहीं दिखाया। इंडस्ट्री को इस फिल्म से प्रॉफिट नहीं मिल पाया।' गौरतलब है कि 'रेस 2' के निर्माण में लगभग साठ करोड़ रूपये लगे थे। जहाँ ' रेस 2' का रोमांच दर्शकों को पसंद आया, तो डेविड धवन निर्देशित 'चश्मेबद्दूर' की हंसी-ठिठोली भी दर्शकों को रास आई। अली जफ़र,सिद्धार्थ और तापसी पन्नू अभिनीत 'चश्मेबद्दूर' हिट हो चुकी है । भट्ट कैम्प की फिल्म 'मर्डर 3' को भी दर्शक मिले। रोमांच और रोमांस से भरपूर इस फिल्म को दर्शकों की अच्छी प्रतिक्रिया मिली। 7 करोड़ में बनी यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर 18 करोड़ की कमाई करने में सफल रही।
बेहतर परिणाम की है उम्मीद
हाल में प्रदर्शित हुई आनंद एल रॉय निर्देशित और सोनम कपूर-धनुष अभिनीत 'राँझना' को दर्शकों की बेहतरीन प्रतिक्रिया मिल रही है। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफलता की नयी कहानी लिखती है या नहीं ..यह तो वक़्त बतायेगा।इस छमाही की आखिरी फिल्म है घनचक्कर। विद्या बालन और इमरान हाश्मी की इस बहुप्रतीक्षित  फिल्म पर  फिल्म विशेषज्ञों और फिल्म प्रेमियों की निगाहें टिकी हैं।' राँझना ' और 'घनचक्कर ' की सफलता हिंदी फिल्मों की इस छमाही के परिणाम को सुखद बना सकती है।


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